रविवार, 26 सितंबर 2010
अमेरिकन वनाम भारती
एक अमेरिकेन ने अपने इकलौते बेटे को इन्जिनीरिंग में पी एच डी करवा दी और उससे बोला, "my dear son, I have done my duty and now you are free to start your new life. Herein after neither I have to give you any type of help nor I will ask for it." His son requested for some financial help, which his father refused to oblige. अब आप जरा गौर फरमाएं अपने भारतीय डैडी और उनके तीन संतानों में से सबसे बड़े बेटे के बीच की वार्ता जिसको उन्होंने पढ़ाया लिखाया, और काबिल बनाया ताकि वह आने वाले समय में एक अच्छी सर्विस करके अपना शौक तो पूरा करे ही साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी संभाले ! अपनी पढाई पूरी करने के बाद एक दिन वह अपने पिता जी से बोलता है, "डैड मैं नौकरी नहीं करना चाहता हूँ बल्कि अपना ही कोई व्यवसाय खोलना चाहता हूँ ! इसके लिए मुझे पैसे चाहिए ! " बाप ने कहा, "बेटे मैंने अपनी बड़ी रकम तो तेरी पढाई पर लगा दी है, बैक से लोन लिया था वह भी अभी चुकता नहीं हो पाया है ! अभी तेरे दो भाई और हैं जो अभी पढ़ रहे हैं और मुझे उनकी पढाई के लिए अब तेरी मदद की जरूरत है, मेरी मान अभी नौकरी करले, जब पैसे हो जाएंगे तो तुम फिर अपना कोई भी धंधा जो अच्छा लगे शुरू कर देना "! लड़का गुस्से में बोला, लगता है बूढा सठिया गया है, जब आप में तीन बच्चों का बोझ उठाने की सामर्थ नहीं थी तो फिर पैदा क्यों किए ! मुझे पैसे चाहिए १० दिन के अन्दर चाहे बैंक से कर्ज लो, इस मकान को बेचो, कुछ भी करो मुझे पैसो दो "! बेचारा भारती मूल का आदमी, पच्चपन साल का आज भी कठीन मेहनत कर रहा है, ओवर टाईम भी काम करता है, शरीर काफी जर्जर हो गया है और लगता है की ७० पार कर गया है ! अब वह अपने देश भारत को वापिस जाना चाहता है लेकिन वहां की प्रोपर्टी भी रिश्तेदारों ने हड़प ली है ! पैसे इतना हो नहीं पा रहा है की लड़का अपना बिजिनिस शुरू कर सके और लड़का है की कोई अन्य काम करने को तैयार ही नहीं है ! अब बाप क्या करे, रोज हारे थके घर आत़ा है और बेटे के जहरीले वाणों से घायल होता रहता है !
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