रविवार, 10 अक्टूबर 2010
मौसम बदल रहा है
यहाँ अमेरिका में मौसम भी आँख मिचौनी का खेल खेल रहा है ! पिछले २८ सितम्बर से आज १० अक्टूबर तक पूरे ११ दिन तक आसमान या तो घने काले बादलों से ढका रहा या फिर कभी जोर की कभी हल्की हल्की बुँदे बारीश की पड़ती रही ! कल शनिवार था और आज रविवार दोनों दिन सूरज अपनी पूरी चमक दमक के साथ अहसास कराता रहा की अभी घबराने की कोई बात नहीं है सर्दी चंद कदम दूर है ! पेड़ पौधे रंग बदलने लगे हैं, पहले सुनहरे लाल, फिर पीले, और फिर सुख कर पतझर ! कभी आसमान में बादल रहते हुए भी लगता है की सर्दी नाम की कोई चीज अभी कोसों दूर है और अगली दिन आसमान बिलकुल साफ़ लेकिन ठंडी हवाएं अंगुलियाँ टेढ़ी हो जाती हैं ! पर मौसम कितना भी खराब क्यों न हो, आसमान में जहाज उड़ेंगे ही, सडकों पर कार, ट्रक्स बसें चलेंगी ही, सिटी जाने के लिए लोगों को १०० मील कार से सर्विस करने जाना ही है ! इसके अलावा बहुत सारे पानी से समबन्ध रखने वाले गेम्स अब बंद हो चुके हैं ! और इन एजेंसियों की दुकान बंद होने से यहाँ काम करने वाले एक तरह से बेकार हो गए हैं ! समुद्र में कहीं कहीं जहां वर्फ जम जाती है वहां बोटिंग बंद हो गयी है ! फूल धीरे धीरे अपनी पंखुड़ियां एक एक करके हवा के झोंको में उड़ने के लिए छोड़ती जा रही हैं ! पेड़ भी भारी मन से अपने प्यारे पतों को जुदा करने लग गए हैं ! "पता टूटा डाल से पवन ले गयी उडाय, अब के बिछुड़े कब मिले दूर पड़े हैं जाय "! बच्चों के बहुत से खेल बंद हो गए हैं, लेकिन उनके मनोंरंजन के लिए अभी भी बहुत कुछ बाकी है ! स्विम्मिंग पूल जहां पानी का टेम्प्रेचर नहाने लायक रखा जाता है, बच्चों के लिए सर्दियों में भी खुला रहता है ! ऐडवेंचर लैंड जहाँ बच्चों के मनोरंजन की बहुत सारी सामग्री है बारह महीने खुली रहती हैं ! आज फिर आसमान बिलकुल साफ़ है और सूरज की ताप बहुत सुख दायक लग रही है ! अगले कुछ घंटों में क्या होगा कहा नहीं जाता !
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