गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु महेश्वराय, सभी देव से हैं बड़े गणपति लम्बोदराय,
कृपा दृष्टि रखो बच्चों पर दिल से करूं पुकार, फूलों जैसे मुस्कराएं ये मेरे राजकुमार !
वर्ष दो हजार पांच तारीख सात अप्रेल, मैं तो करता सैर सपाटा थी स्वप्नों की रेल !
परी सी इक सुन्दर लड़की पोती बनकर आई, नाम आर्शिया रखा उसका सबके मन को भाई !
आज हो गयी छ: साल की ये प्यारी सी पोती, घर में उछल कूद मचाती फुदक फुदक इतराती,
आज सुबह कोयल ने गाया मीठा सुन्दर गीत, आर्शिया के जन्म दिन पर लुटाया अपनी प्रीत !
बच्चे सारे नाच रहे हैं और मचाते शोर, हैप्पी बर्थ डे के स्वर में नाच रहे हैं मोर !
दादा दादी नानी नाना देते हैं, आशीष बल बुद्धी विद्या के धनी बनों रक्षा करे जगदीश !
ताऊ ताई दोनों भाई विश करते सागर पार से,
स्वस्थ रहो प्रश्नं रहो लो आशीष हम चार से !
main bhi aashish deta hu aarshiya ko bahgwan use swasth aur anandmangal rakhen
जवाब देंहटाएंashok